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नौ ग्रह की मान्यता के साथ जानें उनके पद-कार्य का अंतर

हमारे शरीर में सभी नौ ग्रहों के तत्व मौजूद रहते हैं। ग्रह और देव में फर्क भी होता है, लेकिन देवी या देवता ग्रहों के गृहपति माने गये हैं। इसीलिए प्राचीन काल में सभी के कार्य नियुक्त कर दिये गये थे। हम आपको बताते हैं पौराणिक कथाओं में नवग्रहों को किस प्रकार की शक्तियां या पद प्रदान किये गये हैं। 




शास्त्रों के मुताबिक मान्यता है कि सूर्य राजा, बुध मंत्री, मंगल सेनापति, शनि न्यायाधीश और राहु-केतु प्रशासक हैं। इसी प्रकार गुरू अच्छे मार्ग के प्रदर्शक, चंद्र माता और मन का प्रदर्शक, शुक्र है- पति के लिए पत्नी और पत्नी के लिए पति तथा वीर्य बल। 




जब समाज में कोई व्यक्ति अपराध करता है तो शनि के आदेश के आधार पर ही राहु और केतु उसे दंड देने के लिए सक्रिय हो जाते हैं।

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